‘राणा सांगा सम्मान समारोह’ एवं ‘सुहेलदेव बैस स्मृति समारोह’ का आयोजन
नई दिल्ली स्थित राजघाट के सत्याग्रह मंडप (गांधी दर्शन) में 22 मार्च को ‘भारत विरासत कार्यक्रम’ के अंतर्गत ‘राणा सांगा सम्मान समारोह’ एवं ‘सुहेलदेव बैस स्मृति समारोह’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के अनेक गणमान्य नागरिकों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और समाज की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण पर चर्चा की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने इतिहास के विकृतिकरण पर चिंता जताते हुए इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर यह संकल्प लिया गया कि क्षत्रिय इतिहास को सही रूप में संरक्षित और प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में इतिहास और विरासत के साथ-साथ समसामयिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई जिसमें युवाओं के रोजगार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसरों को लेकर ठोस नीतिगत बदलाव की आवश्यकता जताई गई। इस दौरान यूजीसी नियमों और इनके संभावित सामाजिक प्रभावों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में अजीत सिंह चंदेल, डॉ. कुणाल बेरुवार, डॉ. रवि प्रताप, डॉ. श्रीभगवान सिंह, विनय सिंह बैस, यू. एस. राणा और सचिन चौहान (टाइगर) उपस्थित रहे। सभी ने समाज की एकजुटता और भविष्य की दिशा तय करने के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया। आयोजन समिति के रवि सिंह सोलंकी, रघुवंश सिंह सेंगर, विकास सिंह बिसेन, सुजीत सिंह बैस, हर्ष सिंह बैस, रंजन चंदेल और प्रशांत सिंह ने व्यवस्था का दायित्व संभाला। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित समाजबंधुओं द्वारा विरासत संरक्षण के लिए दीर्घकालिक अभियान चलाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।