जैसलमेर जिले के झिनझिनयाली गांव में संत राजर्षि दादा मूलचंद जी की जयंती 04 सितंबर को समारोहपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर पंचधातु से बनी मूलचंद जी की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व महारावल चैतन्यराज सिंह ने कहा कि संत मूलचंद का जीवन त्याग, सेवा और परोपकार का प्रतीक है। हम सभी को उनके जीवन आदर्शों से प्रेरणा लेकर उनके बताए रास्ते पर चलने का प्रयास करना चाहिए। जैसलमेर विधायक छोटूसिंह ने कहा कि संत मूलचंद के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने 18वीं शताब्दी में जाति-धर्म से ऊपर उठकर जिस तरह मानव सेवा और परोपकार के काम किए, वे आज भी प्रेरणादायक हैं। उन्होंने मूलचंद जी की प्रोल में वाचनालय बनाने के लिए विधायक मद से 11 लाख रुपये देने की घोषणा की। पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी ने संत मूलचंद जी के जीवन से प्रेरणा लेकर युवा पीढ़ी से नशे से दूर रहने और जीवन में संस्कार व मानवीय मूल्यों को अपनाने की बात कही। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने युवाओं से शिक्षा, तकनीक, एआई और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने और अपने पुरखों की भूमि व विरासत को सुरक्षित रखने का आह्वान किया। रावत त्रिभुवन सिंह बाड़मेर ने खेती में नए तरीके, नारी सशक्तिकरण, नशामुक्ति और ज्यादा पेड़ लगाने की बात कही। कार्यक्रम में तिलोक नाथ महाराज, वीरमपुरी जी, बालभारती जी, किशनगिरी, नाचना ठाकुर विक्रमसिंह, पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी, निवर्तमान जिला प्रमुख प्रतापसिंह, निवर्तमान प्रधान जनकसिंह भाटी सहित साधु-संत, जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन और भोजन प्रसादी ठाकुर उमसिंह परिवार ने किया, जबकि मूर्ति स्थापना का खर्च जनकसिंह भाटी ने उठाया। मंच का संचालन जीवनदान देवल ने किया। जसवंत सिंह भाटी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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